किसानों की एक-एक इंच भूमि तक पानी पहुंचाएंगे: मुख्यमंत्री

भोपाल| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हम प्रदेश को आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाएंगे। इसके लिए खेती, किसान एवं गाँवों के अधिकाधिक विकास की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश में सिंचाई क्षमताएं बढ़ाने के लिए विशेष कार्य हुए हैं। गत वर्षों में हमने प्रदेश में सिंचाई क्षमता को 7.5 लाख हैक्टेयर से 42 लाख हैक्टेयर तक पहुंचाया है, इसमें नाबार्ड का महत्वपूर्ण योगदान है। आगामी समय में हम प्रदेश में किसानों की एक-एक इंच भूमि तक पानी पहुंचाने के प्रभावी प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि नाबार्ड ने मध्यप्रदेश के लिए 1,425 करोड़ रूपये की लिफ्ट इरीगेशन” को स्वीकृति दी है। साथ ही अन्य परियोजनाओं के लिए 4 हजार करोड़ का ऋण भी स्वीकृत किया है। मुख्यमंत्री मंत्रालय में नाबार्ड के 39वें स्थापना दिवस के अवसर पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के महिला स्व-सहायता समूहों, कृषक उत्पादक संघों के प्रतिनिधियों, प्रगतिशील किसानों को संबोधित कर रहे थे।

24 प्रतिशत तक कृषि विकास दर

श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश ने कृषि विकास में 24 प्रतिशत तक विकास दर हासिल की है। इसका एक प्रमुख कारण सिंचाई के क्षेत्र में विशेष प्रयास है। इस विकास दर को हासिल करने में नाबार्ड का विशेष सहयोग रहा है। नाबार्ड द्वारा कृषि, ग्रामीण क्षेत्रों के विकास एवं कृषि अधोसंरचना विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई है।

स्व-सहायता समूह बनाएंगे लोकल को वोकल

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में स्व-सहायता समूहों को सशक्त करने के लिए प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। सरकार अब इन्हें 4 प्रतिशत ब्याज दर पर आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराएगी। नाबार्ड की ई-शक्ति योजना पर पूरा अमल किया जाएगा। महिला स्व-सहायता समूह लोकल को वोकल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कृषि विकास दर में मध्यप्रदेश निरंतर आगे

नाबार्ड के अध्यक्ष श्री जी.आर. चिंताला मुंबई से वी सी में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि गत 15 वर्षों में मध्यप्रदेश की कृषि विकास दर 10 प्रतिशत से भी काफी अधिक रही है, जबकि देश की 4 प्रतिशत के लगभग रही। मध्यप्रदेश में सिंचाई सेवाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। इसके लिए मध्यप्रदेश बधाई का पात्र है।

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