प्रदेश में 5 हजार ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी ग्राम सेवा केन्द्र स्थापित होंगे

भोपाल | प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों को शामिल करते हुए प्रथम चरण में 5000 ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी ग्राम सेवा केन्द्र स्थापित किए जावेंगे। इन जनसुविधा केन्द्रों से सभी शासकीय एवं अन्य सेवाएँ उचित दर पर आम आदमी को उपलब्ध कराई जावेगी। जिससे ग्राम पंचायत स्तर पर सभी शासकीय अन्य कार्यों में पारदर्शिता सक्षमता और विश्वसनीयता में वृद्धि होगी, एवं ग्राम पंचायतें डिजीटलाईजेशन की ओर अग्रेषित होगी।

केन्द्रों पर ग्रामीणों को शासकीय कार्यालय की सेवाएं दी जाएंगी। डिजिटल इण्डिया अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर महात्मा गांधी ग्राम सेवा केन्द्र संचालित होंगे। इसका उद्देश्य समस्त शासकीय कार्यालयों की सेवाएं एवं जानकारी कॉमन सर्विस सेन्टर के माध्यम से उचित दर पर आम आदमी को उपलब्ध कराना है। जिससे पारदर्शिता, सक्षमता और विश्वसनीयता में वृद्धि होगी।

दो हजार 500 से अधिक आबादी में मिलेंगी सेवाएं

भारत सरकार, पंचायतीराज मंत्रालय, सीएससी एवं ई.गवर्नेंस इण्डिया लिमिटेड के मध्य हुए अनुबंध के आधार पर मध्यप्रदेश में महात्मा गांधी ग्राम सेवा केन्द्र संचालित किए जाएंगे। इन केन्द्रों का संचालन प्रदेश में दो हजार 500 से अधिक जनसंख्या एवं पंचायत सखी की उपलब्धता वाली ग्राम पंचायतों में किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट स्वरूप प्रथम चरण में पांच हजार ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी ग्राम सेवा केन्द्र संचालित करने के लिए सीएससी एवं ई-गवर्नेंस इण्डिया लिमिटेड को कार्यादेश जारी किया गया है|

केन्द्र पर मिलेंगी यह सुविधाएं

महात्मा गांधी ग्राम सेवा केन्द्र जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, खसरा, नक्शा की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन केन्द्रों में कोर बैंकिंग, डाक सेवाएं, केबल मनोरंजन सेवाएं, ट्रेन, बस, हवाई जहाज यात्रा टिकिट की बुकिंग, परीक्षा परिणाम, हितग्राहियों को भुगतान आदि की सेवाएं निर्धारित शुल्क में दी जाएंगी। इन केन्द्रों में केन्द्र एवं राज्य शासन से संबंधित समस्त जानकारियां, पंचायतीराज द्वारा विकसित सॉफ्टवेयरों की जानकारी प्रविष्टि करना, मनरेगा के साफ्टवयेर में जानकारी प्रविष्ट करना तथा समय-समय पर शासन द्वारा वांछित जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

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