इंदौर | प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत आज एक जनवरी, 2021 को सुबह साढ़े 10 बजे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से इंदौर में लाइट हॉउस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे। इंदौर में इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्री ओ.पी.एस. भदौरिया, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्री तुलसीराम सिलावट शामिल होंगे। यह कार्यक्रम एक जनवरी को सुबह साढ़े 10 बजे गुलमर्ग परिसर कनाड़िया एक्सटेंशन में आयोजित होगा।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के 75 स्वतंत्रता दिवस पर सभी के लिए आवास की कल्पना की थी। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए, आवास और शहरी मंत्रालय (MoHUA) ने वर्ष 2022 तक सभी पात्र लाभार्थियों को पक्के मकान प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, शहरी (PMAY-U) मिशन को लागू किया है। इस योजना के माध्यम से भारत सरकार एवं राज्य सरकार झुग्गी निवासियों सहित शहरी गरीबों की आवास आवश्यकता को पूरी करना चाहते है,| प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना के अंतर्गत इंदौर में इंदौर नगर निगम द्वारा 53 हजार 724 इकाइयों की डीपीआर स्वीकृत कराई गयी थी । प्रथम चरण में लगभग 15 हजार 514 यूनिट्स का निर्माण प्रगति पर है, जिन्हें जल्द ही पूरा कर पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराया जायेगा। इसके अलावा सी. एल. एस. एस. घटक के अंतर्गत लगभग 17 हजार 697 परिवारों को सब्सिडी का लाभ प्राप्त हुआ है।
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्मित किये जा रहे आवासों की गुणवत्ता को बेहतर करने और कार्य में गति लाने के लिए वर्ष 2019 में भारत सरकार द्वारा विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श के बाद परिकल्पित, ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज-इंडिया (GHTC-India) की अवधारणा की गयी थी। इस चुनौती के अंर्तगत राज्यों/ संघ शासित प्रदेशों द्वारा प्रदान की गई छह साइटें सिद्ध, वैकल्पिक और नवीन तकनीकों का उपयोग करके लाइट हाउस प्रोजेक्ट (LHP) के निर्माण लिए शॉर्टलिस्ट की गई, जिसमें भारत का सबसे स्वच्छ शहर “इंदौर भी एक था। लाइट हाउस प्रोजेक्ट (LHP) द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के काम की गति और गुणवत्ता में सुधार के लिए वैकल्पिक और नवीन निर्माण टेक्नोलॉजी को अपनाने के महत्व की परिकल्पना की गई है।
*128 करोड़ रूपये लागत से बनाये जायेंगे एक हजार से अधिक आवासीय ईकाई*
इंदौर में लाइट हाउस परियोजना का निर्माण पूर्व निर्मित सैंडविच पैनल टेक्नोलॉजी का उपयोग करके लागू किया जाना प्रस्तावित है। इंदौर नगर निगम ने इस परियोजना के लिए 4.19 हेक्टेयर भूमि की पहचान नगर निगम सीमा के भीतर कनाडिया गाँव में की है। प्रस्तावित लेआउट प्लान के अनुसार पार्किग +8 बहुमंजिला संरचना में लगभग एक हजार से अधिक 1-BHK आवासीय इकाइयाँ होंगी। इस परियोजना के निर्माण की अनुमानित लागत 128 करोड़ रूपये है। जिसमें प्रति इकाई निर्माण लागत 12.50 लाख रूपये होगी। प्रस्तावित स्थल मौजूदा शहर स्तर की बुनियादी सुविधाओं जैसे परिवहन, जल आपूर्ति, बिजली आदि से जुड़ा हुआ है। एलएचपी परियोजना के कार्यान्वयन के लिए प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार 1.5 लाख रुपये Gol-AHP अनुदान के रूप में उपलब्ध होंगे तथा 4.0 लाख रूपये अतिरिक्त रूप से Gol द्वारा प्रौद्योगिकी नवाचार अनुदान (TIG) के रूप में प्रदान किया जाएगा। 1.0 लाख रूपये राज्य सरकार के अनुदान के रूप में प्रदान किए जाएंगे। इसलिए प्रति यूनिट लागत 12.50 लाख रूपये में से 6.5 लाख रूपये प्रति यूनिट को अनुदान घटक के रूप में दिया जा रहा है और शेष 6 लाख रूपये को लाभार्थियों के शेयर के रूप में देय होगा। इस परियोजना की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए इंदौर नगर निगम ने लाभार्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन को प्रोत्साहित करने के लिए एक वेबसाइट विकसित की है। इस वेबसाइट की मदद से लाभार्थी अपने घरों से आवास इकाई की बुकिंग कर सकते हैं और अधिक से अधिक लोग इस परियोजना का लाभ उठा सकते हैं। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्थायी रूप से निर्माण की बेहतर गुणवत्ता के साथ गति, अर्थव्यवस्था और जल्दी से निर्मित होने वाले घरों को प्रदर्शित और वितरित करना है। इस लाइट हाउस प्रोजेक्ट के माध्यम से संबंधित एलएचपी में अपनाई जा रही वैकल्पिक टेक्नोलॉजी पर राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों, शहरी स्थानीय निकायों, तकनीकी पेशेवरों, बिल्डरों, विकास एजेंसियों और अन्य जैसे हितधारकों के बीच बड़े पैमाने पर जागरूकता पैदा होगी। योजना के क्रियान्वयन के दौरान लाइट हाउस प्रोजेक्ट का उपयोग आईआईटी / एनआईटी / इंजीनियरिंग कॉलेज / योजना और आर्किटेक्चर कॉलेज, बिल्डर्स, निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों के पेशेवरों के संकाय और छात्रों शिक्षण संस्थानों द्वारा लाइव लेबोरेटरी के रूप मैं किया जा सकेगा इच्छुक विद्यार्थी/ शोधकर्ताओं द्वारा वर्कशॉप और साइट विजिट के माध्यम से टेक्नोलॉजी की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी, जिससे प्रस्तावित प्रोजेक्ट की तकनीक का लाभ देश के अन्य शहरो को होगा तथा इन नयी टेक्नोलॉजी का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सकेगा।

