बाबा साहब अम्बेडकर की जन्मस्थली महू में होने वाला जयंती महोत्सव स्थगित

ललित मोरवाल

इंदौर| महू में आयोजित होने वाले हर साल 14 अप्रैल को आयोजित होने वाला आंबेडकर जयंती महोत्सव स्थानीय प्रशासन ने स्थगित कर दिया है। इस दिन बाबा के अनुयायी वर्चुअल दर्शन तथा धम्म पूजन कर सकेंगे। इसके पीछे मुख्य वजह महाराष्ट्र से आवाजाही बंद होने तथा कोरोना मरीजों के लगातार बढ़ना बताया जा रहा है।
ज्ञात हो कि बाबा साहब आंबेडकर की जन्मस्थली काली पल्टन पर महाराष्ट्र से हजारों की तादाद में अनुयायी आते हैं। इन अनुयायियों के आने का क्रम 12 अप्रैल की शाम से शुरू हो जाता है, जो 14 अप्रैल की अलसुबह तक लगातार चलता है। अनुयायियों के भोजन और ठहरने की व्यवस्था जिला प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं और जनप्रतिनिधि करते हैं। आयोजन के उत्साह में महूवासी घरों पर आकर्षक रोशनी करते हैं। रेलवे प्रशासन महाराष्ट्र से महू आने वाले अनुयायियों को मुफ्त सफर कराता है। भाजपा-कांग्रेस के कई बड़े नेता कार्यक्रम में शिरकत कर बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शीश नवाते हैं। यहां बाबा साहब की प्रतिमा के साथ उनके जीवनकाल से जुड़ी यादों को संजो कर रखा गया है। स्मारक की देखरेख का जिम्मा स्थानीय स्तर पर आंबेडकर उत्सव समिति और स्मारक समिति को सौंपा गया है।

समरसता भोजन का आयोजन

आयोजन में आने वाले अनुयायियों को प्रशासन की तरफ से पांच समय का भोजन 12 से 14 अप्रैल की सुबह तक भोजन कराया जाता है, इसे समरसता भोजन का नाम दिया गया है। भोजन में सब्जी, नुकती, पूड़ी, नमकीन, छाछ आदि रखा जाता है। रेलवे स्टेशन से स्मारक स्थल तक आकर्षक सजावट की जाती है। शहर की परंपरा बन चुके इस आयोजन में सामाजिक संगठन भी अपने स्तर पर अनुयायियों की सेवा-सुश्रुषा करते हैं।

नहीं जुट सकेगी भीड़

वर्तमान में कोरोना के मरीजों ने प्रशासन को हलाकान कर रखा है। प्रशासन बीमारी से निपटने में लगा है, इसलिए वह अभी जयंती महोत्सव पर फोकस नहीं कर रहा। सूत्रों की मानें तो मरीजों की संख्या में कमी आने के बाद भी महोत्सव होना संभव नजर नहीं आता, क्योंकि जिस स्थान पर आयोजन होता है, उसकी अनुमति सेना के लखनऊ मध्यकमान से लेनी पड़ती है। अनुमति मिलने के बाद मंच, सभास्थल व अन्य तैयारियों में प्रशासन को एक पखवाड़े का समय लग जाता है।

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