कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय में छात्राओं और शिक्षकों के साथ किया संवाद
इंदौर| मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की वह कुंजी है, जो विद्यार्थियों को उनकी मंजिल तक पहुँचाती है। आज इन युवाओं के चेहरों पर ही मुझे भारत का उज्ज्वल भविष्य दिखाई देता है।”
यह बात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को टी.टी. नगर भोपाल स्थित कमला नेहरू सांदीपनि शासकीय कन्या विद्यालय में छात्राओं और शिक्षकों के साथ आयोजित आत्मीय संवाद कार्यक्रम में कही।विद्यालय में संवाद के दौरान ‘मास्टर ट्रेनर’ की भूमिका में नज़र आए। उन्होंने छात्राओं को सफलता के अनमोल टिप्स दिए और भरोसा दिलाया कि ‘आज का विद्यार्थी ही कल का भारत है’। विद्यार्थियों के हर सपने को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में युवा वर्ग की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अमृतकाल की यह युवा पीढ़ी ही प्रदेश और देश को प्रगति की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में विभिन्न कक्षाओं, लायब्रेरी, संगीत कक्ष, प्रयोगशाला कक्ष सहित अन्य व्यवस्थाओं का मुआयना किया। विद्यालय की बालिकाओं ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पौधा भेंटकर स्वागत किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की नई शिक्षा यात्रा के बारे में सरकार के प्रयासों की जानकारी भी बालिकाओं को दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय केवल एक स्कूल नहीं, यह विद्यार्थियों भविष्य गढ़ने की प्रयोगशालाएं हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में पहले चरण में स्कूल शिक्षा विभाग के 274 सांदीपनि विद्यालय और जनजातीय कार्य विभाग के 94 सांदीपनि विद्यालय सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। दूसरे चरण में प्रदेश में स्कूल शिक्षा के 200 नए सांदीपनि विद्यालय और जनजातीय कार्य विभाग के 205 नए सांदीपनि विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं।
शिक्षकों से भी किया संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय परिसर में ही प्रदेशभर से आए शिक्षकों से भी आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली शिक्षान्मुखी होने के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी भी होनी चाहिए। हमारे विद्यार्थी पढ़-लिखकर उन्नत खेती करें, राजनीति में आएं, सैनिक बनकर देश सेवा करें। व्यवसाय शुरू कर स्वावलंबी बनें, दूसरों को भी रोजगार प्रदान करें, इन सभी कार्यों के लिए शिक्षक वृंद विद्यार्थियों को प्रेरित करें।

