
कोंकण रेलवे देश की ऐसी रेलवे लाइन है जो पश्चिमी घाट में अरब सागर के समानांतर चलती है। इस रेल रूट का संचालन कोंकण रेलवे ही करती है। अपने पूरे सफर के दौरान यह कई नदियों, पहाड़ों और अरब सागर को पार करते हुए गुजरती है। कोकण रेलवे आपको भारत के प्राकृतिक सौंदर्य का दर्शन करवाता है। इस मार्ग पर दूधसागर भारत का एकमात्र झरना है, जो दो राज्यों की सीमा पर स्थित है। गोवा-कर्नाटक बॉर्डर की मंडोवी नदी पर दूधसागर झरना है। पणजी से इसकी दूरी लगभग 60 किमी है। यहां मानसून के दौरान पर्यटकों का हुजूम उमड़ता है। दूधसागर झरने को “मिल्क ऑफ सी’ भी कहा जाता है। हर कोई एक बार यहां जाने की जरूर इच्छा रखता है। इस झरने से बहता पानी दूध की धार जैसा दिखता है। दूधसागर झरने की ऊंचाई 310 मीटर और चौड़ाई लगभग 30 मीटर है। दूध सागर झरने के सामने से रेलवे लाइन भी गुजरती है।


