भारत विश्व में “क्लीन एनर्जी” का मॉडल बनेगा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना का लोकार्पण किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत विश्व में ‘क्लीन एनर्जी का मॉडल बनेगा। भारत ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिये ‘अंतर्राष्ट्रीय सोलर एलायंस’ का निर्माण किया है। हमारे प्रयास है कि आम आदमी अपनी जरूरत की बिजली घर पर ही पैदा करे। इस कार्य में सरकार मदद करेगी। हम प्रयासरत है कि देश में बेहतर सोलर पैनल, बेट्री, स्टोरेज बनें तथा हमें विदेशों से उपकरण आयात नहीं करना पड़ें। मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हो रहे है। मध्यप्रदेश सस्ती एवं साफ-सुथरी बिजली का हब बन रहा है। रीवा ने आज वाकई इतिहास रच दिया है। सफेद बाघ के नाम से जाना जाने वाला रीवा अब विश्व में सेालर प्लांट के नाम से भी जाना जाएगा। यहां खेतों में लगे हजारों पैनल ऐसा एहसास दिलाते है, मानो खेतो में फसल लहरा रही हो या गहरे समंदर का नीला पानी हो। इस अभूतपूर्व कार्य के लिये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, क्षेत्र की जनता सहित पूरी टीम बधाई की पात्र है।

दिल्ली की मेट्रो रीवा से चलेगी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि रीवा सोलर परियोजना से न केवल मध्यप्रदेश को बिजली प्राप्त हो रही है बल्कि यह हर्ष का विषय है कि परियोजना अपनी 24 प्रतिशत बिजली दिल्ली मेट्रो को प्रदान कर रही है। दिल्ली की मेट्रो रीवा से चलेगी।

भारत की सस्ती सौर ऊर्जा की पूरी दुनिया में चर्चा है

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हम विश्व के टॉप 5 देशों में पहुँच गये हैं। भारत ने सिद्ध कर दिया है कि सौर ऊर्जा अर्थव्यवस्था एवं पर्यावरण दोनों की दृष्टि से लाभदायी है। वर्ष 2014 में जहां सौर ऊर्जा की कीमत 7 से 8 रूपये प्रति यूनिट हुआ करती थी, आज वह घटकर 2.25 से 2.50 रूपये प्रति यूनिट हो गयी है। रीवा सोलर प्लांट के माध्यम से सस्ती बिजली का उत्पादन बड़ी उपलब्धि है। सोलर बिजली की आत्मनिर्भरता आत्मनिर्भर भारत के लिये आवश्यक है।

रीवा सोलर प्लांट ने कई कीर्तिमान स्थापित किये

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि रीवा सोलर प्लांट ने कई नये कीर्तिमान स्थापित किये है। यह सौर ऊर्जा के क्षेत्र में ‘गेम चेंजर’ परियोजना है। मात्र 2.97 रूपये प्रति यूनिट की सस्ती बिजली, प्रथम बार राज्य के बाहर व्यावसायिक संस्थान को बिजली प्रदाय करना, विश्व बैंक से बिना गारंटी के न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त करना, 2 करोड़ 60 लाख पेड़ों के बराबर कार्बन उत्सर्जन बचाना आदि ऐसे प्रतिमान है कि जो इस परियोजना को अनूठी बनाते हैं।

भारत के एक लाख मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य में मध्यप्रदेश की बड़ी भागीदारी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 तक देश में एक लाख मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने में मध्यप्रदेश बड़ी भागीदारी निभायेगा। प्रदेश में आगामी सौर परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 10 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादित होगी।

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