इंदौर। इंदौर जिला मुख्यालय पर राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर जिले में व्यापक जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर जीवन ज्योति हॉस्टल राऊ, सिविल चिकित्सालय महू सहित स्वास्थ्य विभाग की समस्त शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं तथा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित मोबाइल हेल्थ टीमों ने विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों एवं छात्रावासों में किशोरियों एवं महिलाओं को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के संबंध में जानकारी प्रदान की तथा स्वास्थ्य परीक्षण किए। कार्यक्रम में बताया गया कि विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस का उद्देश्य मिथकों को दूर कर नागरिकों, विशेष रूप से किशोरियों को सही जानकारी उपलब्ध कराना तथा सुरक्षित एवं स्वच्छ माहवारी व्यवहार को बढ़ावा देना है। माहवारी के दौरान स्वच्छता का ध्यान नहीं रखने पर संक्रमण एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए सैनिटरी पैड, स्वच्छ कपड़े एवं साफ पानी के उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि अनेक किशोरियां माहवारी के दौरान आवश्यक सुविधाओं के अभाव में विद्यालय नहीं जा पाती हैं। यह दिवस उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सम्मानजनक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। माहवारी एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है, जिसे लेकर शर्म या संकोच की आवश्यकता नहीं है।
28 मई को ही क्यों मनाया जाता है विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस
विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य माहवारी चक्र औसतन 28 दिनों का होता है तथा माहवारी की अवधि लगभग 5 दिनों की मानी जाती है। इसी आधार पर 28/5 अर्थात 28 मई की तिथि को विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के रूप में चुना गया है। विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस प्रतिवर्ष 28 मई को विश्वभर में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन एवं किशोरियों में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मिथकों एवं भ्रांतियों को दूर करना तथा सुरक्षित एवं स्वच्छ माहवारी व्यवहार को प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर जिले की विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं में किशोरियों एवं महिलाओं को सेनेटरी नेपकिन भी वितरित किए गए।

