
कश्मीर में कोरोना संक्रमण से बिगड़े हालात के कारण इस साल छड़ी मुबारक में श्रीनगर में विभिन्न मंदिरों में सामूहिक पूजन नहीं होगा। संभवतः 3 अगस्त को बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए छड़ी मुबारक को श्रीनगर से हेलीकॉप्टर से ही पवित्र गुफा तक ले जाया जाएगा। इसमें सीमित संत ही शामिल होंगे, क्योंकि पारंपरिक पहलगाम मार्ग को कोविड संकट के चलते इस साल शुरू नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि छड़ी मुबारक 20 जुलाई से शुरू हो रही है। अमरनाथ यात्रा को प्रशासनिक स्तर पर यात्रा को 21 जुलाई को शुरू करना प्रस्तावित है। लेकिन अभी तक यात्रा की तिथि घोषित नहीं की गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कोविड के कारण इस बार प्रतिदिन 500 भक्तों को ही यात्रा की अनुमति रहेगी। छड़ी मुबारक स्वामी अमरनाथ के महंत दीपेंद्र गिरी ने बताया कि श्रीनगर में लॉकडाउन से धार्मिक स्थलों में सामूहिक गतिविधियां बंद हैं, जिससे छड़ी मुबारक की सामूहिक पूजा करना संभव नहीं है।
शंकराचार्य मंदिर से निकलेगी छड़ी मुबारक
तय समय सारणी के अनुसार 20 जुलाई को छड़ी मुबारक को ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर से निकाला जाना है, जो 21 को शारिका भवानी मंदिर में अनुष्ठान करेगी। 23 जुलाई को श्री अमरेश्वर मंदिर श्रीनगर में छड़ी स्थापना के बाद 25 जुलाई को नागपंचमी पर दशनामी अखाड़ा, श्रीनगर में छड़ी पूजन किया जाना है। इसके बाद 3 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर छड़ी मुबारक को पवित्र हिमलिंग के दर्शन करने हैं। दर्शन से पहले छड़ी मुबारक को श्रीनगर के सभी ऐतिहासिक मंदिरों का भ्रमण करना है, लेकिन मौजूदा कोरोना संकट के चलते ऐसा संभव नहीं है।


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