तारीख तय : भव्य मंदिर में विराजमान होंगें श्रीराम

10 करोड़ परिवारों से मंदिर निर्माण सहयोग के लिए चलेगा सम्पर्क अभियान

अयोध्‍या
राम मंदिर भूमि पूजन की दो तारीखें तय कर दी गई हैं। अंतिम फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय पर छोड़ दिया गया है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दूसरी बैठक में मंदिर निर्माण की तारीख तय करके प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) भेज दी गई है। ट्रस्‍ट की ओर से पीएम मोदी को 3 और 5 अगस्‍त की तारीख भूमि पूजन के लिए भेजी गई है।

उत्तर प्रदेश के अयोध्‍या में शनिवार को बैठक के बाद ट्रस्‍ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि मंदिर की नींव रखने के पहले तकनीकी तैयारी शुरू हो गई है।चंपत राय ने बताया कि सोमपुरा मंदिर का निर्माण करेगा,सोमनाथ मंदिर को भी इन लोगों ने बनाया है| कोरोना संकट व बरसात के बाद 10 करोड़ परिवारों से मंदिर के लिए सहयोग के लिए सम्पर्क अभियान चलेगा। इसके बाद ही मंदिर का निर्माण शुरू किया जाएगा।

161 फीट ऊंचा होगा मंदिर

चंपत राय ने बताया कि कंपनी लार्सन ऐंड टुब्रो मिट्टी परीक्षण के लिए नमूने जुटा रही है। मंदिर का मॉडल विश्व हिंदू परिषद का ही रहेगा, लेकिन उसकी लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई बढ़ जाएगी। मंदिर की नींव का निर्माण मिट्टी की क्षमता के आधार पर 60 मीटर नीचे किया जाएगा। नींव रखने का काम नक्‍शे के आधार पर शुरू होगा। मंदिर का तकनीकी निर्माण शुरू करने के बाद 3 साल में मंदिर बन जाएगा। राम मंदिर 161 फीट ऊंचा होगा। इसमें 3 की बजाय 5 गुंबद बनाए जाएंगे।राम मंदिर का मॉडल चंद्रकांत सोमपुरा ने तैयार किया है। उत्तर भारत की नागर शैली में बनेग। इस मंदिर में 65 फ़ीट ऊंचा शिखर बनेगा।

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मोदी व योगी रखें पहली ईंट

राममंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास कहते हैं कि 500 साल बाद शुभ घड़ी आई है। मोदी व योगी के करकमलों से ही राममंदिर की पहली ईंट रखी जानी चाहिए, क्योंकि मोदी व योगी के काल में ही यह शुभ अवसर आया है।

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