धरती की ओर आ रहे खतरे से वैज्ञानिक परेशान

29 April 2020: Ulka Pind Moving Towards the Earth, NASA Said No ...

नई दिल्ली | अंतरिक्ष में उल्कापिंड  जब पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरने वाले होते हैं तो हमारे लिए  खतरा बढ़ जाता है । इससे भूकंप और तूफान जैसे खतरों की आशंका रहती है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक ऐसा ही एक उल्कापिंड धरती की ओर तेजी से बढ़ रहा है जो 24 जुलाई को धरती के सबसे नजदीक होगा। इस उल्कापिंड की गति 13.5 किलोमीटर प्रति सेंकेंड है । यह उल्कापिंड धरती के सबसे ऊंचे पहाड़ माउंट एवरेस्ट से भी कई गुना बड़ा है

ब्रिटिश एजेंसी बर्मिंघम लाइव के मुताबिक यह उल्कापिंड 2020-एनडी 24 जुलाई को धरती के सबसे नजदीक होगा, तब इसकी लोकेशन 0.034 एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट हो सकती है। एजेंसी के मुताबिक, ‘पोटेंशियली हैजड्रस यानी संभावित खतरनाक क्षुद्रग्रह (PHAs) वो पैमाना है, जिसमें अंतरिक्ष वैज्ञानिक उन तत्वों में शामिल करते हैं जो पृथ्वी के निकट आने वाले खतरों के रूप में मापे जाते हैं।  वैज्ञानिकों के अनुसार यह उल्कापिंड यूरोप के सबसे बड़े और ऊंचे झूले से भी 50 प्रतिशत ज्यादा बड़ा है। ऐसे में इसके विशालकाय आकार का अंदाजा लगाया जा सकता है। अगर यह धरती से सीधे टकराता है तो दुनिया तबाह तक हो सकती है। हालांकि, अनुमान है कि यह उल्कापिंड धरती को महज छूकर निकलेगा इसलिए बड़ी तबाही की संभावना कम है। 

48,000 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज गति

2020-एनडी पृथ्वी की ओर 13.5 किलोमीटर प्रति सेंकड यानि 48,000 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज गति से आ रहा है। इस तरह के पिंड जब पृथ्वी के पास आते हैं तो उन्हें ‘पृथ्वी के निकट के पिंड’ कहा जाता है। इसकी श्रेणी में क्षुद्रग्रह से लेकर पुच्छल तारे तक आते हैं, जिनपर उस ग्रह के गुरुत्व का असर पड़ता है। 

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