भोपाल| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हमें अब जनता के सक्रिय सहयोग से कोरोना को पूर्ण रूप से परास्त करना है। इसके लिए मध्यप्रदेश में आगामी 1 अगस्त से ”संकल्प की चेन जोड़ो, संक्रमण की चेन तोड़ो” अभियान चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमें कोरोना संकट को चुनौती में बदलना है तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को सबसे पहले मध्य प्रदेश में मूर्त रूप देना है। इसके लिए रोड मैप बनाने की हमारे सभी विभागों ने तेज गति से तैयारी शुरू कर दी है। आगामी 15 अगस्त को आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश का रोडमैप प्रदेश की जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
रोडमैप के चार प्रमुख क्षेत्र
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप के प्रमुख चार क्षेत्र स्वास्थ्य एवं शिक्षा, अर्थव्यवस्था एवं रोजगार, भौतिक अधोसंरचना विकास तथा सुशासन होंगे। यह रोडमैप भारत सरकार के नीति आयोग के सहयोग से आगामी 3 वर्षों के लिए तैयार किया जा रहा है। इसे बनाने के लिए अपर मुख्य सचिव स्तर के चार वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में टीमें निरंतर कार्य कर रही हैं।
विशेषज्ञों के सुझावों के लिए वेबीनार्स
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रोड मैप में विषय विशेषज्ञों के सुझाव सम्मिलित करने के लिए आगामी 7, 8, 10 एवं 11 अगस्त को प्रातः 11 से 2 एवं अपराह्न 3 से 6 बजे तक वेबीनार आयोजित की जाएंगी। इन वेबीनार में विषय-विशेषज्ञों के साथ ही जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, जिला स्तर के अधिकारी भाग लेंगे। भारत सरकार के नीति आयोग के प्रतिनिधि भी इनमें शामिल होंगे।
बिना लॉक डाउन कोरोना को हराना है
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आप सभी के प्रयास एवं जनता के सहयोग का ही परिणाम है कि आज हमारी कोरोना रिकवरी रेट 70 प्रतिशत है तथा मृत्यु दर घटकर 2.7 प्रतिशत रह गई है। परन्तु अभी भी प्रदेश के कई स्थानों पर संक्रमण बढ़ रहा है। लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अब हमें बिना लॉकडाउन के पूरी सावधानी एवं सतर्कता से कोरोना को हराना है।
नियम तोड़ने पर जुर्माना एवं प्रकरण दोनों
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्पष्ट रूप से कहा कि कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए मास्क एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाना अनिवार्य है। कोई भी व्यक्ति चाहे वह मुख्यमंत्री हो, मंत्री हो, जन प्रतिनिधि हो, अधिकारी हो अथवा कोई अन्य, यदि नियम तोड़ता है, तो जुर्माना तो लगेगा ही, प्रकरण भी दर्ज किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंत्री एवं राज्य मंत्री अलग-अलग स्थानों से ऑनलाइन जुड़े और मुख्यमंत्री श्री चौहान से संवाद भी किया।

