बड़वानी |अंगेजों के शासन काल में आदिवासी, पिछड़ो, गरीबो, किसानो एवं भारत वासियों के शोषण, अन्याय एवं अत्याचार से व्यथित होकर शहीद बिरसा मुण्डा जी ने अपनी गरीबी, कम शिक्षा तथा संगठन की कमी को किनारे करते हुये इन लोगो को स्वतंत्रता की प्राप्ति हेतु बढ़-चढ कर हिस्सेदारी निभाते हुए जीवन पर्यान्त पीछे मुड़कर नही देखा। इसी का परिणाम है कि आज हम स्वतंत्र होकर निश्चिन्ता पूर्वक जीवन यापन कर अपना एवं अपने देश का विकास कर रहे है। आज हम सबका यह दायित्व बनता है कि आदिवासी समाज उनके द्वारा अन्याय के खिलाफ किए गए संघर्षों से प्रेरणा लें तथा एकजुट होकर अपनी उत्तरोत्तर प्रगति करें। प्रदेश के केबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने बिरसा मुण्डा जी की जयंती पर आयोजित जनजाति गौरव दिवस के कार्यक्रम में उक्त विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी एवं पूर्व मंत्री अंतरसिंह आर्य ने कहा कि आदिवासी समाज में अभी भी सुधार की काफी आवश्यता है जिसे दृष्टिगत रखते हुए केन्द्र शासन, प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न जन हितकारी योजनाएं संचालित कर लागू की है। हम सब इस कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लें और अपने विकास में सहभागी बने। जयंती समारोह के अवसर पर समाजसेवी मनोहर अवास्या, मुख्य व्यक्ता संतोष बघेल ने शहीद बिरसा मुण्डा जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिरसा मुण्डा जी का जन्म झारखण्ड प्रदेश के रांची जिले में 15 नवम्बर 1875 को हुआ था। वे 2 वर्ष तक शिक्षा गृहण करने के पश्चात अनुसुचित जाति, जनजाति के लोगो पर अंग्रेजो द्वारा किए जा रहे अन्याय एवं अत्याचारो से मुक्ति दिलाने के कार्य में जुट गए। शहीद मुण्डा जी ने जल, जंगल एवं जमीन की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए अपने समाज को संगठित कर अपने समाज के धर्म परिवर्तित लोगों को हिन्दु धर्म में वापस लाने का बीड़ा उठाया। अंग्रेजो ने उन्हें सजा देकर जेल में रखा, जहॉ वे शारीरिक प्रताड़ना को झेलते हुये 9 जून 1900 को वीरगति को प्राप्त हुये । किन्तु बिरसा मुण्डा मर कर भी अमर है, छोटा नागपुर के जंगलो में आज भी बिरसा मुण्डा लोक गीतो में जीवित है। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री शिवराज सिंह वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किये। अतिथियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद बिरसा मुण्डा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। इस दौरान अतिथियों ने बालिकाओं की पूजा भी कर आदिवासियों में बालिकाओं के प्रति सम्मान को रेखांकित किया। साथ ही अतिथियों ने ग्राम के पटेलो का भी सम्मान श्रीफल देकर किया। |