नई दिल्ली| योग और व्यायाम से शरीर में ऑक्सीजन स्तर कोबढ़ाया जा सकता है। अब एम्स डॉयरेक्टर रणदीप गुलेरिया और मेदांता मेडिसिटी हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉक्टर नरेश त्रेहन ने भी कहा है कि अगर ऑक्सीजन का स्तर नीचे जा रहा तो अनुलोम-विलोम कीजिए, गहरी सांस लेने वाला व्यायाम कीजिए, फायदा होगा।
एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया, मेदांता मेडिसिटी हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉक्टर नरेश त्रेहन, एम्स में मेडिसिन डिपार्टमेंट के एचओडी डॉक्टर नवनीत विग और भारत में हेल्थ सर्विसेज के डायरेक्टर जनरल डॉक्टर सुनील कुमार ने रविवार को कोरोना संक्रमण, इलाज, ऑक्सिजन की जरूरत पर विस्तार से समझाया। अगर कोरोना पॉजिटिव हो गए तो क्या करना चाहिए। ऑक्सीजन का स्तर कैसे बढ़ा सकते हैं। यह भी बताया कि कब मरीज को मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है और कैसे तनाव को कम किया जाए।
योग से ऑक्सीजन का स्तर सही रहने और फेफड़े मजबूत होने की बातें तो खूब होती आई हैं। योगगुरु और योगा टीचर यह कहते आए हैं लेकिन अब डॉक्टर नरेश त्रेहन जैसे दिग्गज ने भी इस पर मुहर लगाई है। डॉक्टर त्रेहन ने कहा कि आरटी-पीसीआर टेस्ट में पॉजिटिव आते ही लोकल डॉक्टर से संपर्क करें। इससे 90% से ज्यादा लोग घर पर ही ठीक हो जाएंगे। अनुलोम-विलोम,प्राणायाम से मरीजों को बहुत फायदा होता है क्योंकि लंबी सांस लेकर रोकने से फेफड़े में ऑक्सीजन की ज्यादा मात्रा पहुंचती है। इससे फेफड़ा मजबूत होता है।

एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने भी बताया कि गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज से फायदा मिलेगा। उन्होंने ऑक्सीजन को लेकर भ्रम को भी दूर किया। डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि कई लोग यह समझते हैं कि कल मेरी ऑक्सीजन सेचुरेशन 98 थी और आज 97 हो गई, इसका मतलब है कि ऑक्सीजन का स्तर घटने लगा है। इसलिए, ऑक्सीजन लगाने की नौबत आ गई है। आपको समझना चाहिए कि अगर आपकी ऑक्सीजन सेचुरेशन 94, 95, 97 है तो ऑक्सीजन लगाने की कोई जरूरत नहीं है। अगर आपको लगे कि सांस लेने में तकलीफ हो रही है, सीने में इन्फेक्शन है तो गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करें। पेट के बल लेटेंगे तो भी आपकी सेचुरेशन बढ़ जाएगी।’

