गांधी सागर अभयारण्य में चीता परिवार में शामिल हुई मादा चीता राधा

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को नीमच-मंदसौर जिले के गांधी सागर वन्य अभयारण्य में मादा चीता राधा को छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा राधा अष्टमी के उपलक्ष्य में मादा चीता का नामकरण राधा किया। गांधी सागर अभयारण्य में एक और चीते का छोड़ जाना मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मादा चीता राधा के गांधी सागर पहुंचने के बाद यहां चीतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। अभयारण्य में पहले से दो नर चीते प्रभास और पावक तथा एक मादा चीता धीरा मौजूद हैं। अब गांधी सागर में दो नर और दो मादा चीते हो गए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश चीता स्टेट के साथ टाइगर स्टेट, घड़ियाल स्टेट और गिद्ध स्टेट के रूप में भी जाना जाने लगा है। असम से जंगली भैंसे भी लाएं गए हैं और प्रदेश में गजराज की संख्या भी लगभग 100 हो गई है। गांधी सागर को चीतों के लिए दूसरे प्रमुख आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां चीतों के स्वास्थ्य, व्यवहार और नये वातावरण में उनके अनुकूलन की लगातार निगरानी वन विभाग की टीम द्वारा की जाएगी। नई मादा चीता के आने से गांधी सागर में चीतों के संरक्षण और भविष्य में चीता प्रजनन की संभावनाओं को और भी तेजी से बढ़ाने का प्रयास किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग द्वारा प्रकाशित “सेकंड होम ऑफ “चीता गांधी सागर वाइल्डलाइफ सेंचुरी” बुकलेट का भी विमोचन किया।

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