
हमारे घर में एक ऐसा पौधा है जो हमें कई रोगों से निजात दिला सकता है। हमारे स्वास्थ्य और रोगों से लड़ने की क्षमता को भी कई गुना बढ़ा देता है। इस पौधे का कद जितना छोटा है उसके औषधीय गुण उतने ही बड़े हैं। जी हां उस पौधे का नाम है तुलसी।
हमारे आयुर्वेद में तुलसी की पत्तियों को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। तुलसी की पत्तियों का सेवन करके व्यक्ति घर बैठे ही कई तरह के रोगों से निजात तक पा सकता है। कोरोना महामारी के समय तुलसी एक संजीवनी औषधी का काम कर रहा है। अनेक लोग तुलसी की पत्तियों का काढ़ा या तुलसी अर्क से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की कोशिश में लगे हुए हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं यदि तुलसी की पत्तियों को दूध में उबालकर पिया जाए तो बहुत से रोगों से अपने आप ही निजात मिल जाती है। इससे पहले की आप सेहत से जुड़े लाभ हासिल करने के लिए तुलसी दूध बनाएं, इसे बनाने का सही तरीका और पीने का सही समय भी जान लें, ताकि आपको मिलें तुलसी और दूध के सारे फायदे।
तुलसी दूध बनाने के लिए सबसे पहले डेढ़ गिलास दूध में 8 से 10 तुलसी की पत्तियां डालकर उबालें। इसमें जब दूध लगभग एक गिलास रह जाए तब गैस बंद कर दें। दूध के हल्का गुनगुना होने पर इसका सेवन करें। याद रखें इस दूध का नियमित सेवन करने से ही आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर बनेगी और अनेक रोग आपसे दूर ही रहेंगे।
अब हम आपको बताते हैं कि तुलसी दूध से किन रोगों में लाभ मिलता है
- तेज सिर दर्द या कहें माइग्रेन की बीमारी इस तुलसी दूध के नियमित सेवन से जड़ से खत्म हो जाती है। अगर आप लंबे समय से इस समस्या से परेशान हैं तो आप चाय की जगह रोजाना दूध में तुलसी के पत्ते डालकर पीएं।
- तनाव और मानसिक अवसाद से राहत तुलसी दूध से संभव है। तुलसी के पत्तों में न सिर्फ औषधीय गुण मौजूद होते हैं बल्कि इन पत्तियों में मानसिक चिकित्सा जैसे गुण हैं। यदि आप ऑफिस के तनाव या परिवार की कलह की वजह से अवसाद जैसी समस्या से घिरे रहते हैं तो दूध में तुलसी की पत्तियों को उबालकर पीएं। ऐसा करने से अवसाद की समस्या से उबरने में मदद मिलती है।
- तुलसी दूध रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। आज कोरोना महामारी के दौर में हर व्यक्ति अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की तरफ ध्यान दे रहा है। कोई भी रोग आपको तभी घेर सकता है जब आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ऐसे में तुलसी के पत्तों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा तुलसी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल एवं एंटीवायरल गुण सर्दी, खांसी और जुकाम से भी दूर रखते हैं।
- हमारे हृदय के लिए तुलसी दूध अमृत के समान होता है। इसके नियमित सेवन के हृदय की क्षमता बढ़ती है। आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार रोजाना खाली पेट तुलसी दूध पीने से ह््दय रोगियों को काफी फायदा मिलता है।
- दमा रोगियों के लिए तो तुलसी दूध राहत देने वाला है। अगर आप सांस संबंधी समस्याओं से परेशान हैं तो तुलसी दूध का नियमित सेवन करें। इससे आपकी श्वसन क्षमता बेहतर बनती जाती है।


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