आईआईएम इंदौर के 5 वर्षीय एकीकृत कार्यक्रम (आईपीएम ) के लिए प्रवेश परीक्षा आज

इंदौर । भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) इंदौर के कोर्स इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (आईपीएम) के लिए प्रवेश परीक्षा (एप्टीट्यूड टेस्ट) सात सितंबर को होगी। कोरोना के कारण आइआइएम ने प्रवेश प्रक्रिया में अहम बदलाव किए हैं। संक्रमण से बचाव के लिए एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए बनाए गए केंद्रों की संख्या लगभग डेढ़ गुना कर दी है। इसके अलावा उम्मीदवारों का अंतिम चयन व्यक्तिगत इंटरव्यू के बजाय उनके द्वारा भेजे गए रिकॉर्डेड वीडियो से होगा।

इस बीच बंगाल के परीक्षा केंद्रों से टेस्ट में शामिल हो रहे उम्मीदवार लॉकडाउन को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। इससे पहले आइपीएम कोर्स की 2020-25 बैच के लिए टेस्ट की तारीख 25 जुलाई घोषित की गई थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते तारीख बढ़ा दी गई। सोमवार को होने वाले आइपीएम टेस्ट के लिए देश के 36 शहरों में 77 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस वर्ष टेस्ट में कुल 19, 254 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। इस बीच बंगाल सरकार ने प्रदेश में सात सितंबर को पूर्णत लॉकडाउन की घोषणा की है। बंगाल के दो शहरों राजधानी कोलकाता और सिलीगुड़ी में परीक्षा दे रहे छात्र लॉकडाउन की खबरों से परेशान हैं। हालांकि आइआइएम ने इन दोनों शहरों के परीक्षा केंद्रों में कोई परिवर्तन नहीं किया है। अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा के प्रवेश पत्र के आधार पर छात्रों को परीक्षा केंद्र तक आने-जाने की अनुमति मिल सकेगी।

इन शहरों में बनाए हैं परीक्षा केंद्र

अहमदाबाद, गांधीनगर, बेंगलुरु, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, मोहाली, चेन्नई, देहरादून, दिल्ली, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, कोलकाता, कोझीकोड, लखनऊ, लुधियाना, मेरठ, मुंबई, नागपुर, नोएडा, पटना, पुणे, रायपुर, रांची, रुड़की, सिलीगुड़ी, तिरुअनंतपुरम, उदयपुर, वाराणसी और विशाखापट्टनम।

अब विद्यार्थी भेजेंगे वीडियो

परिणाम जारी होने के बाद अंतिम चरण के लिए योग्य पाए गए विद्यार्थियों को कुछ प्रश्न दिए जाएंगे। तय समय में उन प्रश्नों के जवाब के साथ खुद का रिकॉर्ड किया वीडियो आइआइएम को भेजना होगा। चयन के अंतिम परिणाम में 85 प्रतिशत अंक टेस्ट के, जबकि 15 प्रतिशत वीडियो के शामिल रहेंगे।

1998 में स्थापित, आईआईएम इंदौर

1998 में स्थापित, आईआईएम इंदौर प्रतिष्ठित आईआईएम परिवार का छठा सदस्य है। वर्तमान में संस्थान की एनआईआरएफ रैंकिंग पांचवें स्थान पर है। वर्ष 2011 में कक्षा बारहवीं के बाद युवाओं को प्रबंध की शिक्षा के लिए भारत में पहली बार इस संस्थान में पंचवर्षीय एकीकृत कार्यक्रम (आईपीएम ) प्रारंभ किया गया ।

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