विश्‍व की सर्वाधिक शक्तिशाली कम्‍प्‍यूटर प्रणालियों में भारत के परम सिद्धी को 63वां स्थान

नई दिल्ली | सी-डैक के राष्‍ट्रीय सुपर-कम्‍प्‍यूटिंग मिशन (एनएसएम) के अंतर्गत बने उच्‍च कार्य प्रदर्शन वाले आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एचपीसी-एआई) सुपरकम्‍प्‍यूटर परम सिद्धी को विश्‍व के सर्वाधिक शक्तिशाली 500 नन-डिस्‍ट्रीब्‍यूटेड कम्‍प्‍यूटर प्रणालियों में 63वां स्‍थान प्राप्‍त हुआ है। रैंकिंग का परिणाम 16 नवम्‍बर, 2020 को जारी किया गया।

एआई प्रणाली एडवांस मै‍टेरियल, कम्‍प्‍यूटेशनल केमिस्‍ट्री तथा एस्‍ट्रोफिजिक्‍स जैसे क्षेत्रों में ऐप्‍लीकेशन विकास पैकेज को मजबूत बनाएगी। मिशन के अंतर्गत प्‍लेटफार्म पर ड्रग डिजाइन, रोकथाम करके वाली स्‍वास्‍थ्‍य सेवा प्रणाली के लिए अनेक पैकेज विकसित किये जा रहे हैं। मुम्‍बई, दिल्‍ली, चेन्‍नई, पटना तथा गुवाहाटी जैसे बाढ़ की संभावना वाले शहरों के लिए बाढ पूर्वानुमान पैकेज विकसित किया जा रहा है। इससे कोविड-19 के विरूद्ध लड़ाई में अनुसंधान और विकास को तेज सिमुलेशन्‍स, मेडिकल इमेजिंग, जीनोम अनुक्रमण तथा पूर्वानुमान के माध्‍यम से तेजी आएगी। यह भारतीय जनता और स्‍टार्टअप तथा विशेष रूप से एमएसएमई के लिए वरदान है।

शिक्षा के ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में सहायता

यह एप्‍लीकेशन विकसित करने वालों के लिए वरदान है और इससे एनसीएमआरडब्‍ल्‍यूएफ तथा आईआईटीएम द्वारा मौसम पूर्वानुमान पैकेज की जांच तेल तथा गैस निकासी के लिए जिओ-एक्‍सप्‍लोरेशन, ऐरो-डिजाइन अध्‍ययन, कम्‍प्‍यूटेशनल भौतिकी तथा गणित संबंधी ऐप्‍लीकेशनों की जांच में मदद मिलेगी और शिक्षा के लिए ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में भी सहायता मिलेगी। 5.267 पेटाफ्लॉप्‍स के आरपिक तथा 4.6 पेटाफ्लॉप्‍स आरमैक्‍स (सस्‍टेन्‍ड) के साथ इस सुपर कम्‍प्‍यूटर की परिकल्‍पना सी-डैक द्वारा की गई और राष्‍ट्रीय सुपर कम्‍प्‍यूटिंग मिशन –एनएसएम के अंतर्गत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के समर्थन से संयुक्‍त रूप से विकसित किया गया है।

विश्‍व में सबसे बड़ी सुपर कम्‍प्‍यूटिंग सरंचना

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहा है कि यह ऐतिहासिक है। भारत के पास विश्‍व में सबसे बड़ी सुपर कम्‍प्‍यूटिंग सरंचना है और यह आज परम सिद्धी-एआई की रैंकिंग से साबित हो गया है। प्रोफेसर शर्मा ने कहा कि मेरी सच्‍ची मान्‍यता है कि परम सिद्धी-एआई हमारे राष्‍ट्रीय शैक्षिक तथा अनुसंधान और विकास संस्‍थानों को सशक्‍त बनाएगा और नेशनल नॉलेज नेटवर्क (एनकेएन) के ऊपर राष्‍ट्रीय सुपरकम्‍प्‍यूटर ग्रिड के नेटवर्क पर देश में फैले उद्योगों तथा स्‍टार्टअप को मजबूती प्रदान करेगा। प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहा कि परम सिद्धी-एआई के साथ देश में वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी समुदाय स्‍वास्‍थ्‍य, कृषि, शिक्षा, ऊर्जा, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष, एआई ऐप्‍लीकेशनों, मौसम तथा जलवायु मॉडलिंग, शहरी नियोजन की बहुविषयी चुनौतियों के समाधान में और अधिक सक्षम और सशक्‍त होगा। उन्‍होंने कहा कि यह विज्ञान और टैक्‍नोलॉजी नवाचार के माध्‍यम से आत्‍मनिर्भरता की हमारी यात्रा में महत्‍वपूर्ण कड़ी है।

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