नई दिल्ली| भारतीय उत्पादों की मांग पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रही है| इसी कड़ी में भारतीय जैविक उत्पादों की मांग भी अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया के प्रमुख देशों में तेजी से बढ़ी है| कोरोना काल के बावजूद साल 2019-20 की तुलना में वित्त वर्ष 2020-21 में भारत ने 51 फीसदी अधिक जैविक उत्पाद इन देशों को बेचा है| आधिकारिक आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2020-21 में भारत ने विभिन्न देशों को 1040 मिलियन डॉलर यानी 7078 करोड़ रुपये का जैविक उत्पादों का निर्यात किया है| पिछले साल के मुकाबले इस साल भारत ने कुल 39 फीसदी ज्यादा यानी 8,88,179 मीट्रिक टन जैविक उत्पाद बेचे हैं|
सबसे अधिक इन उत्पादों की मांग
भारत से साल 2019-20 में 6,38,998 मीट्रिक टन जैविक उत्पाद का निर्यात किया गया था| भारत ने यह उपलब्धि ऐसे वैश्विक संकट के समय हासिल की है, जब लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल चुनौतियां सामने खड़ी थीं| कोरोना काल के बावजूद विभिन्न देशों से भारत के ऑयल केक उत्पादों की मांग सबसे अधिक देखी गई| इसके अलावा तिलहन, फ्रूट पल्प्स, अनाज व मोटा अनाज, मसाले, अजवाइन, चाय, चिकित्सकीय पौधों के उत्पाद, ड्राई फ्रूट्स, चीनी, दाल, कॉफ़ी सहित कई सामानों का निर्यात किया गया|
58 देश भेजे जा रहे भारतीय जैविक उत्पाद
भारतीय जैविक उत्पाद की मांग ना सिर्फ एशियाई देशों में बल्कि अमेरिका, यूरोपियन यूनियन, कनाडा, ग्रेट ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड जैसे देशों में भी बढ़ रही है| भारतीय जैविक उत्पाद की मांग इजरायल और दक्षिण कोरिया में भी खूब देखी गई| दुनिया के इन 58 प्रमुख देशों में भारत उत्पादित और निर्मित जैविक उत्पाद को निर्यात करने के लिए विभिन्न मापदंडों पर खरा उतरना पड़ता है| नेशनल प्रोग्राम फॉर ऑर्गेनिक प्रोडक्शन की ओर से तय मापदंडों के तहत अगर ऑर्गेनिक फूड का उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकिंग और लेवलिंग की गई है, तभी निर्यात किया जा सकता है|
एनपीओपी प्रमाणपत्र को ये देश हैं मान्यता
साल 2001 के बाद से ही अपेडा (APEDA) के तहत NPOP ये मापदंड लागू करती आ रही है| एनपीओपी के प्रमाणपत्र को विभिन्न देश मान्यता देते हैं| अप्रसंस्कृत पौधों के उत्पादों के निर्यात के लिए NPOP के प्रमाणपत्र को यूरोपियन यूनियन और स्विट्जरलैंड बिना किसी अतिरिक्त प्रमाण पत्र के मान्यता देते हैं| ब्रेग्जिट के बाद और पहले भी ग्रेट ब्रिटेन भी इस प्रमाणपत्र को मान्यता देता आया है. इसके अलावा द्विपक्षीय मान्यता समझौता के लिए भारत ताइवान, कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, न्यूज़ीलैंड के साथ बातचीत कर रहा है ताकि भारतीय ऑर्गेनिक फूड का निर्यात सीधे किया जा सके|

